उत्तर प्रदेश शासन का सख्त निर्देश: विद्युत विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों के डेटा फीडिंग में तेजी लाने के आदेश

ऊर्जा अनुभाग-2 द्वारा जारी हुआ पत्र, निगमों के प्रबंध निदेशकों को दी गई जिम्मेदारी
लखनऊ 29अक्टूबर :उत्तर प्रदेश शासन ने आउटसोर्स कर्मियों से संबंधित डेटा फीडिंग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ऊर्जा अनुभाग-2 के अंतर्गत अनुसचिव ओंकार सिंह द्वारा प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (लिमिटेड), उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, और उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (लखनऊ) के साथ-साथ निदेशक, विद्युत सुरक्षा निदेशालय (गोमतीनगर, लखनऊ) को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम, लखनऊ के विभिन्न पत्रों (दिनांक 01.09.2026 और 14.09.2026) का संदर्भ लेते हुए शासन ने यह निर्देश जारी किया है। इसके तहत आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े निर्धारित प्रारूप पर डेटा फीडिंग का कार्य समय पर पूरा किया जाना है। यदि डेटा फीडिंग के दौरान किसी भी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न होती है, तो निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर, कंसल्टेंट एवं वरिष्ठ सहायक से संपर्क करने की अपेक्षा की गई है।
शासन ने दिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश
शासन ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पत्रों में वर्णित बिंदुओं के संबंध में नियमानुसार अग्रेतर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही, की गई कार्रवाई से सीधे आउटसोर्स सेवा निगम को अवगत कराते हुए पत्र की एक प्रति शासन को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस निर्देश के बाद बिजली विभाग के संविदा और आउटसोर्स कर्मियों के बीच डेटा प्रक्रिया को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।






