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CM सिटी में 56 निलंबन के बाद ‘छप्पन भोग’ युग की शुरुआत: बिजली व्यवस्था बेहाल,5 दिनों में 5 अभियंताओं को नोटिस

गोरखपुर 26मई :मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में चरमराई बिजली व्यवस्था और अधिकारियों की घोर लापरवाही के खिलाफ अब प्रशासनिक चाबुक चलना शुरू हो गया है। शहर में बिजली संकट और जनता की बढ़ती परेशानियों के बीच अधीक्षण अभियंता शहर ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पिछले मात्र 5 दिनों के भीतर लापरवाही बरतने वाले 5 अभियंताओं को ‘नियम-10’ के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। गाज गिरने वाले इन अधिकारियों में जूनियर इंजीनियर से लेकर अधिशासी अभियंता तक शामिल हैं, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।

औचक निरीक्षण में खुली पोल: ड्यूटी छोड़ शादी में पहुंचे JE

अधिकारियों की लापरवाही का सबसे ताजा और हैरान करने वाला मामला कल देर रात सामने आया। अधीक्षण अभियंता द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान रानीबाग के अवर अभियंता मोती लाल भारद्वाज अपने कार्यक्षेत्र से नदारद पाए गए। जब उनके अनुपस्थित होने का कारण पूछा गया, तो गैर-जिम्मेदाराना जवाब मिला कि वह बिना किसी पूर्व अनुमति या सूचना के मऊ में एक शादी समारोह में शामिल होने चले गए हैं।

सीएम सिटी जैसे संवेदनशील और वीवीआईपी क्षेत्र में, जहां निर्बाध बिजली आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता है, एक जिम्मेदार अवर अभियंता का इस तरह बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सवालों के घेरे में महकमा: क्या सुधरेगा रवैया?

लगातार जारी हो रही इन नोटिसों ने यह साफ कर दिया है कि धरातल पर सब कुछ ठीक नहीं है। एक तरफ जनता अघोषित कटौती और जर्जर व्यवस्था से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ फील्ड पर तैनात जिम्मेदार अधिकारी अपनी ड्यूटी को लेकर गंभीर नहीं हैं।

अब देखना यह है कि इन पांचों अभियंताओं को जारी की गई नोटिस के बाद विभाग क्या सख्त दंडात्मक कदम उठाता है। क्या इस प्रशासनिक कड़ाई से लापरवाह अभियंताओं के ढर्रे और रवैये में कोई सुधार आएगा, या फिर ‘साहबों’ की यह मनमानी इसी तरह जारी रहेगी?

Prabandh Sampadak chandrashekhar Singh

Prabhand Sampadak Of Upbhokta ki Aawaj.

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