गोरखपुर बिजली महकमे में बड़ा विस्फोट: 400 KVA का ट्रांसफॉर्मर गायब करने में JE सस्पेंड, जिले भर में मची खलबली

गोरखपुर 15सितंबर :जिले में सरकारी संपत्ति में सेंधमारी और हेराफेरी के बड़े मामले में विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से 400 KVA का पुराना ट्रांसफॉर्मर गायब किए जाने के गंभीर मामले में तत्कालीन अवर अभियंता (JE) मोहनलाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अधीक्षण अभियंता (SE) रणजीत चौधरी द्वारा की गई है।
निदेशक (तकनीकी) ने निलंबन की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
6 महीने चली जांच, स्थानांतरण के बाद गिरी गाज
सूत्रों के मुताबिक, सब-स्टेशन से लाखों रुपये मूल्य का 400 KVA ट्रांसफॉर्मर गायब होने की यह जांच पिछले 6 महीने से अधिक समय से चल रही थी। विभागीय पड़ताल के बीच ही बीते स्थानांतरण सत्र के दौरान JE मोहनलाल को राप्तीनगर न्यू से स्थानांतरित कर धर्मशाला सब-स्टेशन भेजा गया था। जांच में आरोप सही पाए जाने और फाइल बंद होते ही विभाग ने कड़ा एक्शन लेते हुए JE को सस्पेंड कर दिया।
पूरे जिले में सैकड़ों ट्रांसफॉर्मर गायब होने की आशंका
इस निलंबन के बाद से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और पूरे जिले के विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है। अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि यह महज एक अकेला मामला नहीं है, बल्कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में site से ऐसे सैकड़ों ट्रांसफॉर्मर गायब होने के प्रकरण दबे पड़े हैं।
कागजों पर रिप्लेसमेंट:
पुराने/खराब ट्रांसफॉर्मर को बदलने के नाम पर साइट से सामान तो हट जाता है, लेकिन वे वापस स्टोर तक नहीं पहुंचते।
विभागीय मिलीभगत:
इतनी बड़ी क्षमता के भारी-भरकम ट्रांसफॉर्मर का गायब होना बिना निचले और मध्य स्तर के कर्मचारियों-अधिकारियों की शह के संभव नहीं है।
कार्रवाई से महकमे में खलबली
एक JE पर हुई इस निलंबन की कार्रवाई के बाद से अन्य सब-स्टेशनों पर तैनात जिम्मेदारों और स्टोर प्रभारियों में भी खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच का दायरा बढ़ाया गया, तो कई अन्य अवर अभियंता और स्टोर कर्मचारियों की गर्दन भी नापी जा सकती है।
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