सुहागिनों का महापर्व ‘करवा चौथ’ आज, अखंड सौभाग्य के लिए रखा जा रहा है निर्जला व्रत

वाराणसी 29अक्टूबर : सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा और पावन पर्व ‘करवा चौथ’ आज, 29 अक्टूबर 2026 को अत्यंत उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला (बिना जल के) व्रत रख रही हैं।
सोलह श्रृंगार कर हो रही है संध्या पूजन
करवा चौथ के इस पावन पर्व पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह से ही सुहागिनों ने सोलह श्रृंगार कर पूजा की तैयारियां शुरू कर दी थीं। शाम के समय महिलाएं सामूहिक रूप से एकत्र होकर करवा माता और भगवान गणेश की कथा सुनेंगी और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगी।
चंद्र दर्शन के साथ टूटेगा उपवास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। आज रात चंद्रमा के उदय होने के बाद महिलाएं छलनी से चांद और अपने पति के दर्शन करेंगी। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर और आशीर्वाद लेकर वे अपना निर्जला व्रत संपन्न करेंगी।
विशेष नोट: करवा चौथ का यह व्रत पति-पत्नी के अटूट प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है, जो दांपत्य जीवन में मधुरता और दीर्घायु का आशीर्वाद लेकर आता है।






