पीड़ित ब्राह्मण भी PDA का हिस्सा: वाराणसी में बोले अखिलेश यादव

वाराणसी03अक्टूबर: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की अवधारणा को लेकर बड़ा बयान दिया है। वाराणसी में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने पीडीए की विस्तृत परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि इसमें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के साथ-साथ समाज का हर पीड़ित वर्ग शामिल है, फिर चाहे वह पीड़ित ब्राह्मण ही क्यों न हो।
अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए केवल कुछ विशेष समुदायों तक सीमित नहीं है। अल्पसंख्यक वर्ग का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें मुस्लिम भाइयों के साथ-साथ जैन, बौद्ध, पारसी, सिख और ईसाई समुदाय के लोग भी शामिल हैं।
सपा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा, “पीडीए का दायरा व्यापक है। इसमें वे सभी लोग शामिल हैं जो किसी न किसी रूप में पीड़ित या शोषित हैं। यदि कोई ब्राह्मण समाज का व्यक्ति भी उत्पीड़न का शिकार है, तो वह भी पीडीए के अंतर्गत आता है और उसे इसमें पूरा स्थान दिया गया है।”
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सर्वसमाज और विशेष रूप से नाराज अगड़ी जातियों के पीड़ित वर्गों को जोड़ने की एक नई रणनीति का हिस्सा है।






