नेपाल के सुनसरी में कांवड़ यात्रा के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा, 6 से अधिक शहरों में कर्फ्यू, सेना तैनात

धार्मिक झंडा हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बना हिंसक; अब तक 3 की मौत, कई घायल; सेना ने संभाला मोर्चा, हवाई निगरानी शुरू
काठमांडू / सुनसरी | 31 जुलाई: नेपाल के भारत सीमा से सटे सुनसरी जिले के देवानगंज (कप्तानगंज) क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान शुरू हुआ विवाद अब व्यापक सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले चुका है। पथराव, उपद्रव और पुलिस के साथ हुई हिंसक झड़पों के कारण हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक इस हिंसा में 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई नागरिक और सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवानगंज में एक सार्वजनिक मंदिर की भूमि पर मुहर्रम के दौरान लगाए गए धार्मिक झंडे को लेकर पिछले कुछ समय से तनाव चल रहा था। स्थानीय लोगों और समिति द्वारा बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद झंडा नहीं हटाया गया था।
हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल (APF) स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे। हालांकि, भीड़ उग्र हो गई और सुरक्षा बलों पर भी पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इसके बावजूद उपद्रवियों ने कई दुकानों और वाहनों में आगजनी की।
प्रशासन की अपील, शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश
नेपाली गृह मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति, संयम और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। मुख्य जिला अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों और हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एहतियात के तौर पर भारत-नेपाल सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है।






