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भीषण गर्मी में बिजली ठप होने से कस्तूरबा की 9 छात्राएं बेहोश, जेई निलंबित; जूनियर इंजीनियर संगठन ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

गोरखपुर 30जुलाई :पिपराइच क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महमूदाबाद में मंगलवार को भीषण गर्मी और बिजली गुल होने के कारण बड़ा हादसा होते-होते बचा। उमस और तेज गर्मी के चलते एक-एक कर 9 छात्राएं चक्कर खाकर गिर पड़ीं, जिससे विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आनंद-फानन में सभी प्रभावित छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपराइच ले जाया गया, जहां समय पर मिले प्राथमिक उपचार से उनकी जान बची।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग ने जेई को निलंबित कर दिया है, जिसके बाद से बिजली कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।

उमस और गर्मी से डिहाइड्रेशन का शिकार हुईं छात्राएं

विद्यालय की प्रधानाचार्या अर्चना त्रिपाठी के अनुसार, गर्मी के कारण स्कूल का ट्रांसफार्मर फुंक गया था, जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। पंखे बंद होने और अत्यधिक उमस के कारण छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी।

सीएचसी के डॉ. शेखर मणि ने बताया कि अत्यधिक गर्मी की वजह से छात्राओं में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) हो गया था। बीमार होने वाली छात्राओं में:

कक्षा 6: अनन्या शर्मा
कक्षा 7:अंशिका निषाद
कक्षा 8: महिमा गुप्ता
कक्षा 9: अल्का यादव
कक्षा 10:प्रीति निषाद

इसके अलावा शालू, अंजू, प्रतिभा और खुशी शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अन्य बच्चों का भी परीक्षण किया। फिलहाल सभी छात्राओं की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

ट्रांसफार्मर बदलने में लापरवाही पर JE दिनेश जायसवाल निलंबित

घटना की गूंज शासन-प्रशासन तक पहुंचते ही विद्युत निगम हरकत में आया। अधीक्षण अभियंता के.के. राठौर ने कार्रवाई करते हुए ट्रांसफार्मर बदलने में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में अवर अभियंता मेडिकल ग्रामीण दिनेश जायसवाल को निलंबित** कर दिया है।

जूनियर इंजीनियर संगठन आक्रामक, बड़े आंदोलन की आहट

जेई दिनेश जायसवाल के निलंबन की खबर मिलते ही ‘राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, गोरखपुर’ मैदान में उतर आया है। संगठन ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से अनैतिक करार दिया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जेई को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। निलंबन वापस न लेने पर संगठन ने उग्र आंदोलन और कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है, जिससे जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर सुगबुगाहट और तनाव तेज हो गया है।

अभिभावकों में भारी आक्रोश

इस घटना के बाद से छात्राओं के अभिभावकों में गहरा गुस्सा और चिंता है। उन्होंने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और बिजली विभाग से मांग की है कि:

आवासीय विद्यालयों में 24 घंटे निर्बाध बिजली और जनरेटर/इन्वर्टर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

विद्यालयों में पर्याप्त शीतल पेयजल और मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए।

आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थायी स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

पड़ताल जारी 

Prabandh Sampadak chandrashekhar Singh

Prabhand Sampadak Of Upbhokta ki Aawaj.

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