वाराणसी के ‘लख्खा मेले’ में शुमार चेतगंज की नकटइया पर बारिश की मार, मायूस दिखे दुकानदार

वाराणसी29अक्टूबर :धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी के प्रसिद्ध ‘लख्खा मेलों’ में शुमार चेतगंज की ऐतिहासिक ‘नकटइया’ पर इस बार मौसम की बेरुखी भारी पड़ती दिख रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण मेले की रंगत फीकी पड़ गई है, जिससे दूर-दराज से आए छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के चेहरे पर चिंता और मायूसी की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
सड़कों पर सन्नाटा, रौनक गायब
हर साल नकटइया के पावन अवसर पर चेतगंज समेत आसपास के पूरे इलाके में जनसैलाब उमड़ पड़ता था। जगमगाती लाइटों, खिलौनों की दुकानों और बनारसी चाट की खुशबू से पूरी सड़क गुलजार रहती थी। हालांकि, इस बार मौसम के बदले मिजाज और रिमझिम बारिश ने मेले के उत्साह पर पानी फेर दिया है। जिस समय सड़कें श्रद्धालुओं और मेलार्थियों से पटी रहती थीं, वहां इस बार सन्नाटा पसरा हुआ नजर आ रहा है।
चाट और खिलौने वालों को सबसे ज्यादा नुकसान
मेले में दूर-दराज के जिलों व ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में व्यापारी अपनी दुकानें लगाने आते हैं। विशेषकर खिलौने, सजावटी सामान और चाट-पकौड़ी की दुकान लगाने वाले स्थानीय व बाहरी दुकानदारों को भारी बिक्री की उम्मीद होती है। लेकिन बारिश के चलते फुटफॉल बेहद कम हो गया है।
क्या कहते हैं दुकानदार:
“हम पूरे साल इस लख्खा मेले का इंतजार करते हैं और काफी सामान तैयार करके लाते हैं। लेकिन लगातार बारिश की वजह से ग्राहक घरों से बाहर ही नहीं निकल रहे हैं। हमारी लागत भी निकलना मुश्किल दिख रहा है।”— रघुवीर (स्थानीय दुकानदार)
उम्मीद की आस
दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने मेले के लिए काफी तैयारी और निवेश किया था, लेकिन मौसम की मार ने उनके सारे गणित बिगाड़ दिए हैं। फिर भी, सभी को उम्मीद है कि यदि बारिश रुकती है और मौसम साफ होता है, तो दर्शनार्थियों और मेलार्थियों की भीड़ दोबारा सड़कों पर उमड़ेगी और मेले की खोई रौनक वापस लौटेगी।






