स्वास्थ्य सेवाओं में वाराणसी ने मारी बाजी, उत्तर प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान

वाराणसी, 28 अक्टूबर : जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों के शानदार परिणाम सामने आए हैं। सितंबर 2026 की जारी हेल्थ रैंकिंग में वाराणसी ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड के अनुसार जनपद का समग्र (ओवरऑल) स्कोर 74 प्रतिशत रहा है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के कुशल निर्देशन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह के नेतृत्व में यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।
विकासखंड स्तर पर अराजीलाइन अव्वल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह ने जानकारी दी कि विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में अराजीलाइन ने 78 प्रतिशत के समग्र स्कोर के साथ पूरे जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा:
पिंडरा विकासखंड ने 76 प्रतिशत स्कोर के साथ द्वितीय स्थान हासिल किया।
सेवापुरी विकासखंड ने 75 प्रतिशत स्कोर के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया।
यह उपलब्धि जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन को दर्शाती है।
सिजेरियन प्रसव और स्वास्थ्य संकेतकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन
सीएमओ ने बताया कि सिजेरियन प्रसव से जुड़े निर्धारित स्वास्थ्य संकेतकों पर भी वाराणसी का प्रदर्शन पूरे प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ रहा है। जिला चिकित्सालयों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) से संबंधित दोनों प्रमुख सिजेरियन प्रसव संकेतकों में जिले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
इसके साथ ही निम्नलिखित महत्वपूर्ण पैमानों पर भी सराहनीय कार्य दर्ज किया गया है:
गर्भवती महिलाओं की एचआईवी (HIV) जांच
बच्चों का पूर्ण टीकाकरण
संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery)
प्रसवपूर्व जांच (ANC)
नवजात शिशुओं को गृह आधारित नवजात देखभाल (HBNV) सेवाएं
सीएमओ ने टीम की सराहना की
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय चिकित्सालयों और स्वास्थ्य इकाइयों के अधिकारियों व कर्मचारियों की मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास, बेहतर कार्ययोजना और स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी का परिणाम है।
साथ ही, उन्होंने अन्य सभी चिकित्सालयों को अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार लाने, स्वास्थ्य संकेतकों की नियमित समीक्षा करने और शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।





