विद्युत विभाग गाजीपुर: अंधऊ विद्युत भंडार केंद्र में ढाई सौ कुंतल कॉपर चोरी का मामला; क्या डेढ़ साल पहले पकड़े गए ‘सद्दाम सिंडिकेट’ से जुड़े हैं चोरी के तार?


132 केवी पावर हाउस की बाउंड्री पार कर स्टोर रूम का ताला तोड़कर उड़ाया गया कीमती कॉपर
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के विधानसभा में दिए गए उस सनसनीखेज बयान की यादें ताजा, जिसमें गाजीपुर में विभाग के समानांतर साम्राज्य चलाने वाले ‘सद्दाम’ पर हुई थी कार्रवाई
स्टोर कीपर की लंबी तैनाती, ट्रांसफर नीति के उल्लंघन और लखनऊ से उच्चस्तरीय टेक्निकल इंक्वायरी की मांग पर उठे गंभीर सवाल
थाना कोतवाली में तहरीर दर्ज, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस की प्रारंभिक जांच जारी
गाजीपुर 31अक्टूबर :जनपद के थाना कोतवाली अंतर्गत अंधऊ स्थित विद्युत भंडार केंद्र में बीती रात चोरों द्वारा लगभग ढाई सौ कुंतल कीमती कॉपर (तांबा) चोरी किए जाने की घटना ने बिजली विभाग में भूचाल ला दिया है। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद अब विभागीय हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि इस चोरी के तार डेढ़ वर्ष पूर्व बिजली विभाग को हिला देने वाले एक बड़े घोटाले से जुड़े हो सकते हैं।
क्या डेढ़ साल पुराने ‘सद्दाम प्रकरण’ से जुड़े हैं इस चोरी के तार?
सूत्रों का दावा है कि इस ताजा चोरी के तार डेढ़ वर्ष पहले विधानसभा में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा द्वारा दिए गए उस चर्चित बयान से जुड़ सकते हैं, जिसमें उन्होंने खुलासा किया था कि ‘सद्दाम’ नाम का एक ठेकेदार गाजीपुर में बिजली विभाग के समानांतर अपना साम्राज्य चला रहा है। उस दौरान उसके ठिकाने से भारी मात्रा में विभागीय सामान बरामद हुआ था तथा उसने काफी सामान बेच भी दिया था, जिसके चलते उसे जेल भी जाना पड़ा था। जानकारों का मानना है कि यदि इस पूरी घटना की गहराई से जांच की जाए, तो एक बार फिर उसी पुराने सिंडिकेट और विभागीय मिलीभगत की परतें उखड़ सकती हैं।
132 केवी पावर हाउस के रास्ते घुसे चोर, कैमरे में कैद हुई करतूत
सहायक भंडारी दिनेश कुमार द्वारा थाना कोतवाली में दी गई तहरीर के अनुसार, यह घटना 30-31 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात लगभग 12:00 बजे से 1:00 बजे के बीच की है। चोरों ने विद्युत भंडार केंद्र की बाउंड्री, जो 132 केवी पावर हाउस से सटी हुई है, को पार किया और बीच वाले शेड का ताला तोड़कर महंगी कॉपर सामग्री समेट ले गए। गनीमत यह रही कि भंडार केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में दो अज्ञात व्यक्तियों के चेहरे कैद हो गए हैं, जिसका फुटेज पुलिस को सौंप दिया गया है।
चोरी गई सामग्री का विवरण:
तहरीर के अनुसार चोरों ने निम्नलिखित कीमती कॉपर सामग्री पर हाथ साफ किया है:
1. कॉपर फ्यूज वायर 8 एसडब्ल्यूजी – 115 किग्रा
2. कॉपर फ्यूज वायर 10 एसडब्ल्यूजी – 150 किग्रा
3. कॉपर फ्यूज वायर 13 एसडब्ल्यूजी – 100 किग्रा
4. कॉपर फ्यूज वायर 14 एसडब्ल्यूजी – 100 किग्रा
5. कॉपर फ्यूज वायर 20 एसडब्ल्यूजी – 100 किग्रा
6. कॉपर बस बार स्क्रैप – 455.900 किग्रा
7. कॉपर स्क्रैप – 400 किग्रा
8. कॉपर स्क्रैप ट्रांसफार्मर क्वायर (Unburnt) – 633 किग्रा में से लगभग 250 किग्रा चोरी
9. कॉपर स्क्रैप Damaged (ओसीबी) – 152 किग्रा
10. कॉपर बस-बार नया – 06 सेट (18 पीस)
ड्यूटी पर तैनात कर्मी और पुलिस की प्रारंभिक जांच
घटना की सुबह जानकारी होने पर 112 नंबर पर सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। हैरानी की बात यह है कि घटना के समय रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक होमगार्ड सुदर्शन सिंह यादव और हरिकेश सिंह यादव की ड्यूटी थी। वर्तमान में पुलिस इस मामले में प्रारंभिक जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश में जुटी है।
स्टोर कीपर की लंबी तैनाती और लखनऊ से उच्चस्तरीय टेक्निकल इंक्वायरी की मांग
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि स्टोर कीपर दिनेश कुमार लगभग 17-18 वर्षों से एक ही स्टोर पर जमे हुए हैं और ऊपर तक पकड़ होने के कारण हर शिकायत पर धनबल के बल पर बच निकलते हैं। इस पूरे घटनाक्रम में अनुज गुप्ता (अधीक्षण अभियंता, स्टोर) तथा अलोक गुप्ता (अधिशासी अभियंता, स्टोर, वाराणसी) की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं कि ट्रांसफर नीति के खुले उल्लंघन के बावजूद इन्हें इतने संवेदनशील स्थान पर क्यों टिका कर रखा गया है?
विशेषज्ञों और विभागीय जानकारों का मानना है कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हेतु लखनऊ से एक विशेष टेक्निकल इंक्वायरी टीम गाजीपुर भेजकर भौतिक सत्यापन कराया जाए, तो स्टोर में हुए अब तक के सबसे बड़े घपले और कागजों में हेरफेर का एक बहुत बड़ा पर्दाफाश सामने आ सकता है।
अंधऊ विद्युत भंडार केंद्र की यह घटना पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के भंडारण और स्टोर प्रशासन की पोल खोलने के लिए काफी है। जब तक ट्रांसफर नीति को ताक पर रखकर वर्षों से जमे ऐसे किरदार बचते रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारियों की लाचारी बनी रहेगी, तब तक सरकारी खजाने और विभागीय संपत्ति की लूट मची रहेगी। स्पष्ट है कि पूर्वांचल प्रबंधन को अपनी पूरी स्टोर व्यवस्था को जड़ से साफ करने, उच्च स्तरीय टेक्निकल इंक्वायरी बैठाने और पूरे स्टोर की तत्काल ओवरहॉलिंग करने की बेहद जरूरत है, ताकि विभाग के भीतर चल रहे इस काले खेल पर लगाम कसी जा सके।
पड़ताल जारी






