गोरखपुर विद्युत विभाग में बड़ा भंडाफोड़: जेई अमित सहगल की कारगुजारियों पर गरमाया मामला, पोल शिफ्टिंग और अवैध वसूली की जांच के लिए कमेटी गठित!

गोरखपुर 31अक्टूबर :पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत नगरीय विद्युत वितरण खंड प्रथम टाउनहॉल के बेतियाहाता क्षेत्र में बिजली विभाग के अवर अभियंता की सनसनीखेज मनमानी और अवैध वसूली का काला चिट्ठा अब खुलकर सामने आ गया है। एक दैनिक समाचार पत्र में लगातार छपी खबरों ने पूरे विद्युत महकमे में भूचाल ला दिया है।
इस पूरे प्रकरण में मचे हड़कंप के बीच सनसनीखेज खुलासे हुए हैं कि कैसे उपभोक्ता अवनीश गुप्ता से पोल शिफ्टिंग और एंगल लगवाने के नाम पर हजारों रुपये की अवैध वसूली की गई। इतना ही नहीं, जेई द्वारा खेल को छुपाने के लिए पोल को ही गायब कर दिया गया और जानलेवा तरीके से मकान की छत पर लोहे का एंगल और तार जोड़कर बड़ी लापरवाही बरती गई।
जब पीड़ित उपभोक्ता ने इसका विरोध किया और मामला तूल पकड़ने लगा, तो खुद को बचाने के लिए जेई ने उपभोक्ता के खिलाफ ही कैंट थाने में तहरीर दे डाली। हालांकि, पुलिस जांच में पोल और पुख्ता साक्ष्य सामने आने के बाद उपभोक्ता ने भी अब थाने में जेई के खिलाफ लिखित तहरीर देकर रुपये वसूलने और जबरन उत्पीड़न का गंभीर आरोप जड़ दिया है।
विभाग की कार्यप्रणाली और संबंधित कर्मचारियों की इस काली करतूत पर उठे इन गंभीर सवालों को बेहद संवेदनशीलता से लेते हुए SE, विद्युत नगरीय वितरण मंडल, गोरखपुर ने आखिरकार सख्त कदम उठाते हुए एक द्वय-सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल जांच समिति की कमान अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय वितरण खंड-मोहद्दीपुर को अध्यक्ष के रूप में सौंपी गई है, जबकि
सहायक अभियंता मीटर, विद्युत नगरीय परीक्षण उपखंड-प्रथम को इसका सदस्य बनाया गया है।
यह जांच समिति इस पूरे सनसनीखेज मामले की परत-दर-परत विस्तृत जांच करेगी और दोषी पाए जाने वाले भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ अपना स्पष्ट अभिमत देते हुए महज 3 कार्यदिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट सीधे उच्चाधिकारियों को सौंपेगी।
इस ताबड़तोड़ एक्शन से बिजली विभाग के अन्य भ्रष्ट कर्मियों और दलालों में हड़कंप मच गया है।
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल!
इस पूरे मामले में अवर अभियंता की इस कार्यशैली के चलते अब अधिशासी अभियंता और एसडीओ की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर उंगलियां उठने लगी हैं।
चूंकि पीड़ित उपभोक्ता ने सबसे पहले पोल हटाने का आधिकारिक आवेदन अधिशासी अभियंता को ही सौंपा था, ऐसे में विभागीय जानकारों का मानना है कि इस खेल में उच्च स्तर पर बरती गई सुस्ती या मिलीभगत की भी गहराई से जांच होनी चाहिए।
बरहाल, अधिशासी अभियंता पंकज कुमार की इस पूरे प्रकरण में वास्तविक भूमिका क्या रही है, यह तो जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगा।






