योगी सरकार का बड़ा फैसला: कांवड़ यात्रा के लिए चलेंगी अतिरिक्त बसें, 24 घंटे एक्टिव रहेगा कंट्रोल

लखनऊ 26 जुलाई : श्रावण मास की आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) हरिद्वार समेत राज्य के सभी प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा। इसके साथ ही पूरी यात्रा पर पैनी नज़र रखने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाला विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा।
कंट्रोल रूम से होगी 24 घंटे निगरानी
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देशों के बाद परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान प्रत्येक क्षेत्रीय मुख्यालय पर 24 घंटे कार्य करने वाला कंट्रोल रूम चालू रहेगा। यह कंट्रोल रूम कांवड़ यात्रा की शुरुआत से लेकर समापन तक अनवरत काम करेगा और रूट पर होने वाली हर गतिविधि का रिकॉर्ड दर्ज रखेगा।
हरिद्वार समेत इन प्रमुख रूटों पर मिलेगी अतिरिक्त बसें
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार जाने वाले मुख्य मार्गों के अलावा लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख रूटों पर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाएगी।
बस स्टेशनों पर मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी बस स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा का खास ख्याल रखा जाएगा:
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मूलभूत सुविधाएं: स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था।
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सूचना प्रणाली: पूछताछ कक्ष, लाउडस्पीकर (ध्वनि प्रसारण प्रणाली) और खान-पान के सुव्यवस्थित स्टॉल।
सड़क सुरक्षा और चालकों की सख्त चेकिंग
दुर्घटनामुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं:
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बसों की गति सीमा तय की जाएगी।
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ड्यूटी पर तैनात सभी चालकों का अनिवार्य रूप से ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट (अल्कोहल जांच) होगा।
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सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रूट डायवर्जन और पुलिस से बेहतर समन्वय
स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर रूट डायवर्जन को लागू किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए डायवर्जन प्लान की जानकारी तुरंत व्हाट्सएप ग्रुप्स और अन्य माध्यमों से साझा की जाएगी ताकि बस संचालन में कोई बाधा न आए और श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों से सुरक्षित निकाला जा सके।
“कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने और हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी प्राथमिकता है कि निगम की किसी भी बस के कारण कांवड़ यात्रा में कोई रुकावट न आए।”
— दयाशंकर सिंह, परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उत्तर प्रदेश






