गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा पर सीएम योगी का संदेश: प्रकृति संवर्धन, कौशल और जनशक्ति से बनेगा आत्मनिर्भर यूपी

लखनऊ15सितंबर :उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा की कोटि-कोटि मंगलकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव केवल आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करने वाला महापर्व है।
मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणेश जी की पूजा में अर्पित होने वाला ‘एकविंशति पत्र’ (21 प्रकार की पत्तियां) हमें प्रकृति और औषधीय पौधों के संरक्षण का संदेश देता है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के योगदान को याद करते हुए सीएम ने कहा कि उन्होंने गणेशोत्सव को आस्था से एकता और जनशक्ति के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया था।
विश्वकर्मा पूजा पर विकसित यूपी का संकल्प
17 सितंबर को आयोजित होने वाली विश्वकर्मा पूजा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर ‘विकसित यूपी’ के निर्माण का संकल्प और मजबूत होगा। आज प्रदेश में बन रहे एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स और विकसित होते औद्योगिक क्षेत्र ‘नए उत्तर प्रदेश’ के बढ़ते सामर्थ्य और प्रगति का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
कारीगरों और शिल्पकारों को मिल रहा संबल
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के कारीगरों, शिल्पकारों और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान करते हुए कहा कि इसे केवल एक विचार न रहने दें, बल्कि अपने दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाएं। स्थानीय उत्पादों को सम्मान देने से हमारे पारंपरिक कारीगरों को काम मिलेगा, युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और स्थानीय सामर्थ्य पर अटूट विश्वास रखकर ही ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के सपने को साकार किया जा सकता है।






