राजनीति

नवगठित SHG को 7 दिन में दें डिजिटल सर्टिफिकेट, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: केशव प्रसाद मौर्य

जियो-टैग फोटो और धरातलीय साक्ष्य के आधार पर ही होगी समीक्षा, उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

 लखनऊ 25 जुलाई :उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि नवगठित स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सात दिनों के भीतर डिजिटल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए जाएं और एसएमएस के माध्यम से स्वीकृति की तुरंत सूचना दी जाए।

कागजी नहीं, धरातलीय साक्ष्य से होगी समीक्षा

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भविष्य में योजनाओं की समीक्षा केवल कागजी आंकड़ों पर नहीं, बल्कि जियो-टैग फोटो, पोर्टल के वास्तविक डेटा और धरातलीय साक्ष्यों के आधार पर होगी। पारदर्शिता और गुणवत्ता से समझौता करने वाले दोषी अधिकारियों पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु एवं प्रमुख निर्देश:

  • निष्क्रिय समूहों को सक्रिय करें: राज्य के सभी निष्क्रिय पड़े स्वयं सहायता समूहों को तुरंत सक्रिय करने के लिए ‘सखियों’ से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया जाए।

  • लखपति और करोड़पति दीदी का लक्ष्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाते हुए लखपति और करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में समर्पित होकर काम किया जाए।

  • महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड: महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना में तेजी लाकर पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराई जाए।

  • बीमा सखी की तैनाती: प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘बीमा सखी’ की तैनाती सुनिश्चित हो, ताकि ग्रामीण परिवारों तक बीमा सुरक्षा का लाभ पहुंचे।

  • PMAY-G लाभार्थियों का जुड़ाव: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सभी पात्र लाभार्थियों को अनिवार्य रूप से SHG से जोड़ा जाए।

साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश

श्री मौर्य ने जिला और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों को साप्ताहिक समीक्षा बैठकें करने तथा कृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘प्रेरणा कृषि उपकरण बैंक’ के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया।

“जब ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी उत्तर प्रदेश $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल कर सकेगा। नारी शक्ति का सशक्तिकरण ही डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” — केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री (उ.प्र.)

Prabandh Sampadak chandrashekhar Singh

Prabhand Sampadak Of Upbhokta ki Aawaj.

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