शक्तेशगढ़ आश्रम में स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज के दर्शन को उमड़ी भक्तों की भीड़

मिर्जापुर 29जुलाई :प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शक्तेशगढ़ स्थित ‘परमहंस आश्रम’ में उस समय भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला, जब ‘यथार्थ गीता’ के रचयिता और प्रख्यात संत स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को अपने दिव्य दर्शन दिए। पूज्य स्वामी जी के आश्रम आगमन की सूचना मिलते ही दूर-दराज़ के जिलों और अन्य राज्यों से आए हज़ारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सुबह से ही आश्रम परिसर में स्वामी जी की एक झलक पाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। ‘जय गुरुदेव’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा शक्तेशगढ़ क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। महाराज जी ने मंच पर विराजमान होकर सभी श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया और अपनी अमृतमयी वाणी से लोगों को शांति एवं भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर महाराज जी ने कहा कि मानव जीवन का परम लक्ष्य ईश्वर की साधना और आत्मा का कल्याण है। सांसारिक भागदौड़ के बीच व्यक्ति को कुछ समय निकालकर ईश्वर के ध्यान और सत्संग में लगाना चाहिए, तभी सच्चे सुख और मानसिक शांति की प्राप्ति संभव है।
आश्रम प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। भक्तों को अनुशासित पंक्ति में खड़ा कर बारी-बारी से दर्शन कराए गए। दर्शन के पश्चात आश्रम परिसर में विशाल महाप्रसाद का भी आयोजन हुआ, जिसमें हज़ारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। स्वामी जी के दर्शन पाकर सभी श्रद्धालु भाव-विभोर और निहाल नज़र आए।






