पूर्वांचल

विद्युत विभाग भदोही: 11 केवी लाइन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत, अवर अभियंता (JE) निलंबित

भदोही 04नवंबर : पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मिर्जापुर क्षेत्र के मुख्य अभियंता पंकज अग्रवाल ने विद्युत सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। चकमार्ग के उच्चीकरण और मानक से कम ऊंचाई पर गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आने से एक 18 वर्षीय युवक की मौत के मामले में, संबंधित अवर अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

जांच आख्या के अनुसार, दिनांक 24.10.2026 को श्री अर्पित शुक्ला (पुत्र श्री कृष्णकान्त शुक्ला, उम्र लगभग 18 वर्ष) लोहे की सीढ़ी लेकर गुजर रहे थे। घटनास्थल के पास से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन की जमीन से ऊंचाई मात्र 13 फीट थी, जो निर्धारित मानक से काफी कम थी। इसके अलावा, चकड़ोज के उच्चीकरण के कारण ग्राउंड क्लीयरेंस और भी कम हो गया था। इसी दौरान वह जीवित विद्युत लाइन के संपर्क में आ गए, जिससे विद्युत स्पर्शघात के कारण उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

जांच समिति की रिपोर्ट में खुलासे:

मामले की जांच के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि:

11 केवी विद्युत लाइन को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित न रखना इस दुर्घटना का मुख्य कारण है।

संबंधित रखरखाव गैंग और अवर अभियंता इसके लिए प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी हैं।

क्षेत्र में असुरक्षित विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग के शासन और पावर कॉरपोरेशन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, अवर अभियंता द्वारा लाइनों के रखरखाव और पेट्रोलिंग में कोई सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया।

मुख्य अभियंता द्वारा इसे कर्तव्यहीनता, घोर लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना मानते हुए प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।

अवर अभियंता निलंबित:

मुख्य अभियंता (वितरण), मिर्जापुर क्षेत्र,  पंकज अग्रवाल ने सक्षम प्राधिकारी के रूप में कार्रवाई करते हुए आनन्द मिश्रा (अवर अभियंता, 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र-सेमराध) को ‘उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड कार्मिक (अनुशासन एवं अपील) विनियमवली-2020’ के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन अवधि के दौरान  आनन्द मिश्रा को विद्युत परीक्षण खंड, भदोही से संबद्ध किया गया है, और उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। इस कार्रवाई से बिजली विभाग के महकमे में हड़कंप मच गया है।

चर्चाओं का बाजार गर्म, उपखंड अधिकारी पर कार्रवाई का इंतजार

​इस पूरे घटनाक्रम को नजदीकी से देखने और समझने वाले लोगों के बीच अधीक्षण अभियंता की जांच रिपोर्ट के बाद से चर्चाओं का बाजार काफी गर्म है। जांच आख्या में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उपखंड अधिकारी द्वारा भी अपने पर्यवेक्षणीय दायित्वों के निर्वहन में घोर शिथिलता और लापरवाही बरती गई है। अब देखना यह होगा कि विभाग द्वारा इस मामले में लापरवाही बरतने वाले SDO पर कब तक निलंबन की गाज गिरती है ।

Prabandh Sampadak chandrashekhar Singh

Prabhand Sampadak Of Upbhokta ki Aawaj.

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