नेपाल को 18 घंटे बिजली निर्यात करेगा भारत; बचाव दल के साथ काम कर रही 54 विशेषज्ञों की टीम

नई दिल्ली14सितंबर :भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा सहयोग और आपदा प्रबंधन को लेकर एक अहम प्रगति सामने आई है। भारत ने नेपाल को प्रतिदिन 18 घंटे बिजली निर्यात करने का फैसला किया है। इस कदम से नेपाल में जारी बिजली संकट को दूर करने और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही, नेपाल में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए भारत से 54 विशेषज्ञों की एक विशेष टीम भी रवाना की गई है। यह टीम स्थानीय बचाव दलों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर काम कर रही है।
ऊर्जा आपूर्ति में बड़ी राहत
मिली जानकारी के मुताबिक, बिजली आपूर्ति के इस फैसले से नेपाल के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी बड़ी राहत मिलेगी। नेपाल बिजली प्राधिकरण (NEA) और भारतीय ऊर्जा मंत्रालयों के बीच हुई वार्ता के बाद 18 घंटे की निर्बाध आपूर्ति की रूपरेखा तैयार की गई है।
तकनीकी और राहत सहायता
नेपाल में जारी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैनात 54 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम में आपदा प्रबंधन अधिकारी, इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
टीम के मुख्य कार्य:
राहत कार्य: प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और प्राथमिक चिकित्सा सहायता पहुंचाना।
इन्फ्रास्ट्रक्चर रिकवरी: क्षतिग्रस्त पावर ग्रिड और बुनियादी ढांचे की त्वरित मरम्मत करना।
समन्वय: नेपाल के स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि भारत ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbourhood First) नीति के तहत नेपाल को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। बिजली निर्यात बढ़ाने और विशेषज्ञों की तैनाती से सीमा पार मानवीय और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलेगी।






