सहारनपुर में 70 करोड़ रुपये का ‘नकली सिक्का’ घोटाला: ₹20 के नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

सहारनपुर 14 सितंबर :उत्तर प्रदेश की सहारनपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने भारतीय अर्थव्यवस्था को चपत लगाने वाले और ₹20 के नकली सिक्के बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह अब तक बाजार में 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के खपा चुका है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई सहारनपुर पुलिस को पिछले कुछ समय से इलाके में बड़े पैमाने पर ₹20 के नकली सिक्कों के चलन की सूचनाएं मिल रही थीं। सटीक मुखबिरी और सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने जाल बिछाकर गिरोह के पांचों सदस्यों को धर दबोचा।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उपकार लूथरा, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया और अनुराग पाल के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में नकली सिक्के, उन्हें ढालने की मशीनें, कच्चा माल और डाई भी बरामद की है।
70 करोड़ का आंकड़ा सुनकर उड़े पुलिस के होश पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में गिरोह के सरगनाओं ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस काले कारोबार में लिप्त थे। उन्होंने बेहद सफाई से असली जैसे दिखने वाले ₹20 के सिक्के तैयार किए और बैंकों व आम जनता की नजरों से बचाकर अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नकली सिक्के बाजार में चला दिए।
बाजार का नेटवर्क और मददगार निशाने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक शुरुआत है। मामले की गहराई से जांच जारी है। पुलिस अब मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर काम कर रही है:
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यह गिरोह नकली सिक्कों को किन-किन माध्यमों, मुख्य बाजारों और शहरों में पहुंचाता था?
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सिक्कों को बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली धातु और डाई कहां से सप्लाई होती थी?
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इस पूरे नेक्सस के पीछे और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं?
पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का पर्दाफाश किया जाएगा और कड़े कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।






