बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली पर मालिकाना हक का विवाद गहराया, प्रशासन ने दोनों पक्षों से मांगे दस्तावेज

अकबरपुर (टूंडला) 13सितंबर :प्रसिद्ध संत बाबा नीब करोरी (लक्ष्मी नारायण शर्मा) की जन्मस्थली स्थित पैतृक मकान के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने दोनों पक्षों—बाबा की छह पोतियों और श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के पदेन ट्रस्टी संजय गुप्ता—को नोटिस जारी कर अपने-अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं।
ध्यान कक्ष और पैतृक संपत्ति पर दावा
विवाद टूंडला के अकबरपुर क्षेत्र स्थित मकान संख्या 154-व को लेकर है। बाबा के स्वर्गीय छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा की बेटियों (सुनीता, अर्चना, वंदना, भावना, रितु और रिचा) का आरोप है कि इस मकान में बाबा का ऐतिहासिक ध्यान कक्ष, भोजनालय और शयन कक्ष मौजूद हैं। उन्होंने अगस्त माह में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ट्रस्टी पर एकाधिकार जमाने का आरोप लगाया था और संपत्ति को मुक्त कराने की गुहार लगाई थी।
शासकीय प्रशासनिक ट्रस्ट के गठन की मांग
मामले में परिवार की ओर से डीएम की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र शासकीय प्रशासनिक ट्रस्ट बनाने का सुझाव दिया गया है, ताकि संपत्ति का प्रबंधन निष्पक्ष रूप से हो सके।
प्रस्तावित कॉरिडोर और पर्यटन सर्किट के बीच अहम हुई जांच
यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब शासन अकबरपुर में ‘बाबा नीब करोरी धाम कॉरिडोर’ का निर्माण करा रहा है। प्रदेश सरकार की पर्यटन नीति-2022 के तहत नीब करोरी बाबा सर्किट (लखनऊ, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद और मथुरा-वृंदावन) के विकास की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
हाल ही में डीएम संतोष कुमार शर्मा ने स्थल का निरीक्षण कर कॉरिडोर की तैयारियों का जायजा लिया था। विकास कार्यों के बीच उठे इस स्वामित्व विवाद पर अब सभी की निगाहें टिक गई हैं। प्रशासन दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही संपत्ति के वैधानिक स्वामित्व पर अंतिम फैसला लेगा।






