UP चुनाव की तैयारी तेज: FLC से परखी जाएगी EVM-VVPAT की विश्वसनीयता, पारदर्शी व्यवस्था पर जोर

33 जिलों के निर्वाचन अधिकारियों और FLC सुपरवाइजरों के लिए लखनऊ में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की मौजूदगी में पूरी होगी जांच प्रक्रिया; पारदर्शिता से मजबूत होगा भरोसा
लखनऊ 15सितंबर :उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच निर्वाचन विभाग ने अपनी तैयारियों को पंख लगा दिए हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) को लेकर कवायद तेज कर दी गई है। मशीनों की तकनीकी जांच में किसी भी तरह की खामी न रहे, इसके लिए राज्यभर के प्रशासनिक अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) में 7 मंडलों—लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या और देवीपाटन—के 33 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और FLC सुपरवाइजरों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चली इस कार्यशाला में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन
भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की मौजूदगी में यह प्रशिक्षण संपन्न हुआ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया में तकनीकी व्यवस्था की विश्वसनीयता ही आधार स्तंभ है। इसलिए FLC प्रक्रिया में गुणवत्ता और मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की रहेगी सहभागिता
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि FLC प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी। प्रत्येक चरण की जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी और उनकी उपस्थिति में ही मशीनों की जांच की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे राजनीतिक दलों के साथ समय पर सूचनाएं साझा करें, ताकि चुनाव प्रक्रिया के प्रति सभी पक्षों का विश्वास मजबूत बना रहे।
प्रदेश भर में चरणबद्ध तरीके से दी जा रही ट्रेनिंग
लखनऊ से पहले गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी में भी इसी तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 21-21 जनपदों के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया था। लखनऊ में 33 जिलों को कवर किए जाने के साथ ही प्रदेश के लगभग सभी जनपदों के अधिकारियों तक यह प्रशिक्षण पहुँच चुका है।
प्रशिक्षण के बाद अब सभी जिलों में EVM और VVPAT की फर्स्ट लेवल चेकिंग का काम तेज गति से शुरू होगा। विभाग का लक्ष्य चुनाव की घोषणा से पहले मशीनों की तकनीकी और प्रशासनिक गुणवत्ता को पूरी तरह दुरुस्त करना है।






