पेपर लीक के बाद अब E20 फ्यूल पर बढ़ा बवाल: 4 अगस्त को संसद घेरने की तैयारी में देश की टैक्सी यूनियनें

इंजन खराब होने और माइलेज घटने का लगाया आरोप, सरकार से नीति में बदलाव की मांग
नई दिल्ली 26 जुलाई :देश में हालिया पेपर लीक मामलों को लेकर मचा सियासी घमासान अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि केंद्र सरकार के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के इस्तेमाल के खिलाफ अब देश भर के टैक्सी चालकों और कमर्शियल वाहन मालिकों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। विभिन्न टैक्सी और कैब यूनियनों के संयुक्त मोर्चे ने 4 अगस्त को राजधानी दिल्ली में संसद भवन के घेराव की चेतावनी दी है।
इंजन खराब होने और माइलेज गिरने का आरोप
टैक्सी ऑपरेटर एसोसिएशन और चालक महासंघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E20) के कारण गाड़ियों के इंजन तेजी से नुकसान का शिकार हो रहे हैं। चालकों का आरोप है कि E20 ईधन के इस्तेमाल से गाड़ियों के फ्यूल पंप, रबर पाइप और इंजन पार्ट्स समय से पहले खराब हो रहे हैं, जिससे उनके मेंटेनेंस का खर्च काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही वाहनों के माइलेज में भी 15 से 20 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
रोजी-रोटी पर संकट, सरकार ले फैसला’
यूनियन के प्रमुख नेताओं का कहना है कि कैब एग्रीगेटर्स के कम कमीशन, बढ़ती महंगाई और महंगे टोल टैक्स से पहले ही चालकों की कमर टूट चुकी है। ऐसे में E20 ईंधन की मार ने उनकी रोजी-रोटी पर सीधा हमला किया है। यूनियनों की मांग है कि सरकार या तो नॉर्मल (बिना इथेनॉल या कम इथेनॉल वाले) पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करे या फिर चालकों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए ठोस नीति बनाए।
4 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में चक्का जाम के आसार
संयुक्त मोर्चे का दावा है कि 4 अगस्त के संसद मार्च में दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र से भी हजारों की संख्या में टैक्सी चालक अपनी गाड़ियों के साथ दिल्ली पहुंचेंगे। यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो राजधानी के मुख्य रास्तों पर चक्का जाम किया जाएगा।
इस चेतावनी के बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं, ताकि संसद सत्र के दौरान राजधानी की यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को प्रभावित होने से रोका जा सके।






