जलभराव पर मंत्री ए.के. शर्मा का कड़ा रुख: वाराणसी के जल निगम अधिशासी अभियंता निलंबित

वाराणसी14सितंबर :शहर में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद बने जलभराव के हालात और अधिकारियों की लापरवाही पर शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की नाराजगी के बाद उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खण्ड (विद्युत/यांत्रिक) में तैनात अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मंत्री ए.के. शर्मा ने स्पष्ट लहजे में कहा, “जनता की सुविधा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई तय है।”
निरीक्षण के दौरान सामने आई थी बड़ी खामियां
12 और 13 सितम्बर को वाराणसी दौरे के दौरान नगर विकास मंत्री ने जलभराव की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण में चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) पर पम्पों के संचालन में गंभीर लापरवाही पाई गई। 3 और 4 सितम्बर को भारी वर्षा के बावजूद दोनों स्थानों पर स्थित पम्पों को बंद रखा गया था। समय से पम्प न चलने के कारण सीवर लाइनों पर दबाव बढ़ा और शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
निर्देशों की अवहेलना और कार्ययोजना न बनाना पड़ा भारी
जांच में प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई कि अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता ने चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन में नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट/बैरियर लगाने की कार्ययोजना और बजट प्रस्ताव तैयार नहीं किया था। उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की लगातार अवहेलना की गई, जिससे विभाग की छवि भी धूमिल हुई।
जांच अधिकारी नियुक्त, कानपुर से किया गया सम्बद्ध
निलंबन के साथ ही पवन कुमार गुप्ता के खिलाफ ‘उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली-1999’ के तहत अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी गई है। लखनऊ स्थित जल निगम के मुख्य अभियंता (क्रय) को पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान गुप्ता को मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र) कार्यालय से सम्बद्ध रखा जाएगा और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
शासन की इस सख्त कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






