राष्ट्रीय लोक अदालत: वाराणसी में 5.58 लाख से अधिक मुकदमों का निपटारा, 19.84 करोड़ की हुई वसूली

वाराणसी 12सितंबर :जिले में शनिवार को आयोजित चालू वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत ने राहत और त्वरित न्याय की नई मिसाल कायम की। जनपद न्यायालय और प्रशासनिक विभागों की संयुक्त पहल से कुल 5,58,641 लंबित और पूर्व-वादों (प्री-लिटिगेशन) का आपसी सहमति से निस्तारण किया गया। इस दौरान विभिन्न मामलों में कुल 19.84 करोड़ से अधिक की धनराशि की वसूली व समझौते की राशि तय हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने आमजन से ‘पेमेंट सेतु ऐप’ के माध्यम से एमवी एक्ट चालान जमा करने और परिसर में स्थापित हेल्प डेस्क की मदद लेने की अपील की।
जनपद न्यायाधीश ने कहा, “लोक अदालत ऐसा सशक्त माध्यम है, जहां बिना समय गंवाए गंभीर से गंभीर विवादों को हल किया जा सकता है।” पारिवारिक मुकदमों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है और न्यायालय का वास्तविक कार्य परिवारों को जोड़ना है, तोड़ना नहीं। इसी प्रतिबद्धता का नतीजा रहा कि परिवार न्यायालय ने वैवाहिक विवादों को सुलझाकर 8 जोड़ों को एक साथ खुशी-खुशी घर विदा किया।
निस्तारण और वसूली का मुख्य आंकड़ा
| विभाग / संस्था | निस्तारित वादों की संख्या | वसूली / समझौता राशि (₹ में) |
|---|---|---|
| जनपद न्यायालय (वाराणसी) | 31,348 | 8,34,24,789.44 |
| प्रशासन एवं अन्य विभाग | 5,27,293 | 11,50,36,210.00 |
| कुल योग | 5,58,641 | 19,84,60,999.44 |
कार्यक्रम के दौरान प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) अहमद हुसैन अंसारी, पीठासीन अधिकारी (मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) रामकेश, बनारस बार के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला, सेन्ट्रल बार के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम, अपर जिला जज/नोडल अधिकारी (न्यायिक) आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी/नोडल अधिकारी (प्रशासनिक) अजीत कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राजीव मुकुल पाण्डेय, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जीएम बी.एन. सिंह, एलडीएम अविनाश अग्रवाल सहित सभी न्यायिक अधिकारी व बैंक कर्मचारी उपस्थित रहे।






