विद्युत विभाग :काशी में बिजली इंजीनियरों का बड़ा ‘कारनामा’: आम जनता साल भर से त्रस्त, ‘मालदार’ होटल के लिए रात में ही दौड़े अफसर!

वाराणसी 07 जून :प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी को स्मार्ट सिटी के तहत अंडरग्राउंड केबलिंग से चमकाने का दावा करने वाला विद्युत विभाग खुद भ्रष्टाचार और लापरवाही के गहरे ‘शॉर्ट-सर्किट’ का शिकार हो चुका है। धर्मनगरी के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक इलाके (गोदौलिया क्षेत्र) में आम जनता और छोटे उपभोक्ता पिछले एक से दो सालों से जर्जर और फॉल्टी अंडरग्राउंड एल/टी केबलों की वजह से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। लेकिन विभागीय इंजीनियरों की “अंधेर नगरी-चौपट राजा” वाली कार्यशैली का आलम यह है कि आम जनता के सार्वजनिक काम के लिए जिनके पास फुर्सत नहीं है, वे एक नामचीन होटल का पर्सनल केबल ठीक कराने के लिए रात के अंधेरे में ही मशीनें लेकर मुस्तैद हो गए।
वीआईपी के लिए ‘रातों-रात’ एक्शन, जनता के लिए ‘सालों का इंतजार’
मामला गोदौलिया बिजलीघर के अंतर्गत आने वाले मदनपुरा, दशाश्वमेध और आसपास के क्षेत्रों का है। कल दोपहर को मुंशी घाट पर स्थित एक नामचीन होटल का पर्सनल केबल खराब हुआ। आम जनता के फॉल्ट पर हफ्तों कुंडली मारकर बैठने वाले विभाग के जेई संजय कुमार को जैसे ही इस ‘मालदार’ फॉल्ट की भनक लगी, वे तुरंत हरकत में आ गए।
होटल के रसूख का असर ऐसा था कि रात में ही केबल डिटेक्टर मशीन लगाकर जांच शुरू करवा दी गई। रविवार को खुद जेई साहब मौके पर खड़े होकर काम करवाते नजर आए।
इसके विपरीत, जनता के सार्वजनिक उपयोग के दर्जनों केबल पिछले एक से दो साल से फॉल्टी पड़े हैं, जिन्हें देखने वाला कोई नहीं है। विभाग के पास आम जनता की बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए मशीन लगाने का समय नहीं है।
ग्राउंड रिपोर्ट: इन इलाकों में सालों से दम तोड़ रही है अंडरग्राउंड सप्लाई
विभागीय उदासीनता के कारण गोदौलिया और भदैनी सब-स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इन प्रमुख स्थलों पर एल/टी (L/T) केबल पूरी तरह ठप पड़े हैं:
विगत दो वर्षों से गोदौलिया और भदैनी सब-स्टेशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में अंडरग्राउंड एल/टी (L/T) केबल फॉल्ट होने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। इस गंभीर समस्या से प्रभावित इलाकों की बात करें तो साईदिया लाइब्रेरी मदनपुरा ट्रांसफार्मर के पास 240 MM का मुख्य केबल पूरी तरह जल चुका है, जिसके विकल्प के रूप में सड़क पर ही ट्रॉली ट्रांसफार्मर खड़ा कर दिया गया है। संकरी सड़क पर खड़ी इस ट्रॉली की वजह से स्थानीय लोगों और राहगीरों को रोज भयंकर जाम से जूझना पड़ता है।
इसके अलावा, अल्लू मस्जिद क्षेत्र में 240 MM का केबल पिछले 2 साल से फॉल्ट है, तो वहीं कला संगम के पीछे 95 MM का केबल पूरी तरह ठप पड़ा है। नासिर ट्रांसफार्मर क्षेत्र, जंगमबाड़ी हनुमान मंदिर, कानू बाबू होटल क्षेत्र और खारी कुआं मोड़ पर भी 240 MM के केबल लंबे समय से खराब और बंद पड़े हैं।
समस्या यहीं खत्म नहीं होती; तांगा स्टैंड (सम्मान होटल गली) में स्थिति और भी बदतर है जहाँ 240 MM का एक और 95 MM के दो केबल एक साथ फॉल्ट हैं। तांगा स्टैंड से रमन कटरा के बीच 240 MM का केबल खराब है, जबकि मोंगा से लेकर होटल केसरी तक 95 MM के दो केबल फॉल्टी पड़े हैं।
केसरी रेस्टोरेंट से शांति हनुमान तक 240 MM का केबल ठप है और चितरंजन पार्क के पास भी 240 MM केबल में खराबी है।
सबसे ज्यादा लापरवाही सुशील सिनेमा क्षेत्र में देखने को मिल रही है, जहाँ 240 MM के तीन-तीन मुख्य केबल सालों से खराब पड़े हैं। इसके साथ ही टाटा टेक्सटाइल में 95 MM के दो केबल बंद हैं, काली जी ट्रांसफार्मर से दशाश्वमेध घाट को जोड़ने वाला 240 MM का मुख्य केबल फॉल्ट है और डेढ़सी पूल के पास भी 95 MM का केबल पूरी तरह ठप पड़ा है। विभाग की इस अनदेखी के कारण इन सभी प्रमुख इलाकों की जनता लंबे समय से नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।
ट्रॉली ट्रांसफार्मर बना मुसीबत, राहगीर और स्थानीय लोग बेहाल
साईदिया लाइब्रेरी मदनपुरा में 240 MM का मुख्य केबल जलने के बाद विभाग ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सड़क पर ही ट्रॉली ट्रांसफार्मर खड़ा कर दिया है। संकरी सड़कों वाले इस इलाके में इस ट्रॉली की वजह से चौबीसों घंटे जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि साल भर से इस स्थायी समस्या का अस्थायी समाधान चलाकर जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है।
निशाने पर जिम्मेदार: मालदार उपभोक्ताओं पर मेहरबानी क्यों?
स्थानीय उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि गोदौलिया बिजलीघर पर तैनात जेई संजय कुमार की निगाहें सामान्य उपभोक्ताओं की तकलीफों पर कम और क्षेत्र के रसूखदार व मालदार उपभोक्ताओं पर ज्यादा रहती हैं।
जनता का सवाल है कि जो मुस्तैदी एक रसूखदार होटल के लिए दिखाई गई, वही मुस्तैदी इन 16 से अधिक सार्वजनिक फॉल्ट्स को ठीक करने में क्यों नहीं दिखाई गई?
सीधा सवाल:
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के आला अधिकारी और प्रबंध निदेशक महोदय ध्यान दें!
काशी की जनता से फिक्स चार्ज और भारी-भरकम बिजली बिल वसूलने के बाद भी यह भेदभाव क्यों?
इन निकम्मे और पक्षपाती इंजीनियरों पर कार्रवाई कब होगी और इन दर्जनों फॉल्टी केबलों को कब बदला जाएगा?
महीने में दो बार वाराणसी में बैठक करने वाले माननीय ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा जी से स्थानीय जनता का सीधा सवाल है:
आखिर इस तरह की भेदभावपूर्ण कार्यशैली अपनाने वाले जेई संजय कुमार और एसडीओ शुभम जैन पर सख्त कार्रवाई कब होगी?
इन दर्जनों फॉल्टी केबलों को कब बदला जाएगा और काशी की जनता को इस नारकीय जीवन से कब मुक्ति मिलेगी?
पड़ताल जारी






