जेई की मनमानी: एक होटल को ‘VIP’ बिजली देने के चक्कर में 3 घंटे अंधेरे में रही ‘क्योटो’ की जनता

भीषण उमस में तड़पते रहे सैकड़ों उपभोक्ता, फोन उठाने तक की जहमत नहीं समझी साहब ने
वाराणसी 08जून :धर्म की नगरी काशी को ‘क्योटो’ बनाने के दावों के बीच बिजली विभाग के इंजीनियरों के कारनामे थामने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला शहर के सबसे व्यस्त और पॉश इलाके गोदौलिया बिजलीघर का है, जहाँ तैनात एक अवर अभियंता (JE) की मनमानी और लापरवाही के कारण सैकड़ों परिवारों को आधी रात को भीषण उमस और गर्मी में नरकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ा। रसूखदार होटल की व्यक्तिगत लाइन को ठीक करने के चक्कर में आम उपभोक्ताओं की आपूर्ति करीब 3 घंटे तक ठप रही।
रात 11 बजे उड़ा DO, सोते रहे ‘साहब‘
स्थानीय उपभोक्ताओं से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार रात लगभग 11 बजे मनमंदिर, त्रिपुरा भैरवी और आस पास क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में अचानक खराबी आ गई और इलाके का DO उड़ गया। आसमान से बरसती आग और उमस भरी गर्मी के बीच पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। परेशान उपभोक्ताओं ने जब गोदौलिया बिजलीघर और क्षेत्रीय जेई को फोन करना शुरू किया, तो हमेशा की तरह पहले तो फोन उठा ही नहीं। काफी मशक्कत और दर्जनों कॉल के बाद जब ‘साहब’ ने फोन उठाने की जहमत जहमत उठाई, तो उनका जवाब हैरान करने वाला था। जेई अपने ही क्षेत्र की बाधित आपूर्ति से पूरी तरह बेखबर नजर आए। आखिरकार, भारी आक्रोश और दबाव के बाद रात के लगभग 2 बजे (करीब 3 घंटे बाद) क्षेत्र की बिजली बहाल हो सकी।
आम जनता बेहाल, VIP सर्विस में जुटी रही ‘बिजलीघर की फौज‘
सूत्रों से मिली अंदरूनी जानकारी के मुताबिक, इस पूरी लापरवाही के पीछे का खेल बेहद दिलचस्प है। दरअसल, रविवार को पूरे दिन गोदौलिया बिजलीघर की ‘पूरी फौज’ (कर्मचारी और लाइनमैन) आम उपभोक्ताओं की समस्याओं को दरकिनार कर क्षेत्र के एक नामी होटल की व्यक्तिगत (VIP) लाइन को चालू करने में जुटी रही।
चर्चाओं का बाजार गर्म: विभागीय गलियारों में चर्चा है कि अवर अभियंता (JE) आम जनता की शिकायतों को ठंडे बस्ते में डालकर पूरी टीम के साथ सिर्फ उस एक होटल को वीआईपी सप्लाई देने के प्रयास में लगे थे।
छोटी सी चूक से पानी में फिरी ‘मेहनत’, दोबारा कवायद तेज
हैरानी की बात यह है कि पूरे दिन की जी-तोड़ मेहनत और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के बाद भी बिजली विभाग की टीम को उस होटल की लाइन चालू करने में सफलता हासिल नहीं हो सकी। एक छोटी सी तकनीकी चूक ने जेई साहब के इस ‘विशेष अभियान’ पर पानी फेर दिया। बताया जा रहा है कि अब एक बार फिर से नियम-कानूनों को ताक पर रखकर उस वीआईपी लाइन को चालू कराने की कवायद अंदरखाने तेज कर दी गई है।
उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश, उच्चाधिकारियों से शिकायत की तैयारी
क्षेत्रीय जनता का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी और इंजीनियर आम जनता के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन हो चुके हैं। गोदौलिया और मनमंदिर जैसे रिहायशी और व्यापारिक इलाकों में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त से बाहर है। स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की शिकायत बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों और प्रबंध निदेशक (MD) से करने का मन बना लिया है, ताकि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने वाले और जनता को परेशान करने वाले इंजीनियर पर सख्त कार्रवाई की जा सके।






