विद्युत विभाग गाजीपुर फिर सुर्खियों में: चेकिंग के दौरान मनमानी और गंभीर आरोपों के बाद एसडीओ और जेई निलंबित

गाजीपुर 08नवंबर :उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बिजली विभाग एक बार फिर से सुर्खियों और बड़े प्रशासनिक एक्शन के घेरे में आ गया है। जनपद के रेवतीपुर क्षेत्र में बिजली चेकिंग के दौरान हुई विवादास्पद कार्रवाई और ग्रामीण महिलाओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद उच्च प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता को सस्पेंड कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद बिजली महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्युत वितरण खंड जमानिया के अंतर्गत आने वाले विद्युत वितरण उपखंड रेवतीपुर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र ढढनी के अंतर्गत तैनात जूनियर इंजीनियर प्रिंस कुमार और रेवतीपुर के उपखंड अधिकारी अमित कुमार शर्मा अपनी टीम के साथ क्षेत्र में उतरे थे।
चेकिंग के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने विजिलेंस और चेकिंग टीम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और अभद्रता तथा उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। आरोप यह भी है कि मौके पर भारी हंगामे और स्थिति के बिगड़ने के बावजूद जिम्मेदारों द्वारा नियमानुसार कोई ठोस एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई, जिससे विभागीय पारदर्शिता पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए। मामला तूल पकड़ते ही स्थानीय स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया।
उच्च प्रबंधन की कार्रवाई
मुख्य अभियंता, वाराणसी जोन-2 ने जोन की खस्ता हालत पर लाचार सफाई देते हुए उपभोक्ता की आवाज समाचार को जानकारी देते हुए बताया कि उच्च प्रबंधन के स्पष्ट निर्देशों के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। प्रथम दृष्ट्या विभागीय अनुशासनहीनता और लापरवाही पाए जाने पर एसडीओ अमित कुमार शर्मा और जेई प्रिंस कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद से गाजीपुर जिले के बिजली महकमे के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में भी खलबली मची हुई है। जानकारों का कहना है कि चेकिंग अभियानों के नाम पर आम जनता और उपभोक्ताओं के साथ होने वाली मनमानी व मनमाने रवैये स्थानीय और शासन स्तर से अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है या नही । इसे विभागीय जिम्मेदारी समझना पड़ेगा बहरहाल, इस बड़ी प्रशासनिक गाज के बाद गाजीपुर विद्युत वितरण खंड क्षेत्र में यह मामला चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।






