एक झलक

गोरखपुर में जिंदगी से खिलवाड़: 3 मौतों के बाद भी नहीं चेता बिजली विभाग, बिना सेफ्टी बेल्ट-हेलमेट बदला जा रहा 25 KVA का ट्रांसफार्मर

गोरखपुर 03अक्टूबर :गोरखपुर के विद्युत वितरण खण्ड-गुलहरिया बाज़ार क्षेत्र में बिजली विभाग की एक बार फिर बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। हाल ही में इसी खंड में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान करंट लगने से 3 युवकों की दर्दनाक मौत का जख्म अभी भरा भी नहीं था कि विभाग की बेपरवाही का नया कारनामा सामने आ गया है।

बिना सेफ्टी गियर पोल पर चढ़े कर्मचारी, अर्थ रॉड तक नदारद

ताजा मामला खटहन खास उपकेंद्र के सरैया फीडर का है, जहां 25 KVA के क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर को हटाकर मरम्मतशुदा ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जा रहा था। विभागीय दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि मौके पर काम कर रहे संविदा व लाइन कर्मचारियों को सुरक्षा के मूलभूत उपकरण तक मुहैया नहीं कराए गए।

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कर्मचारी बिना सेफ्टी बेल्ट, सेफ्टी हेलमेट, रबर ग्लोव्स और अर्थिंग रॉड के ही ट्रांसफार्मर और पोल पर चढ़कर खतरनाक काम को अंजाम दे रहे हैं।

सरकारी X (Twitter) हैंडल से ही पोल खोल तस्वीर ट्वीट

हैरत की बात यह है कि नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाती यह आपत्तिजनक तस्वीर किसी आम नागरिक ने नहीं, बल्कि खुद PUVVNL Gorakhpur के आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से ट्वीट की गई है।

विभाग जिसे अपनी उपलब्धि बताकर फोटो अपलोड कर रहा था, उसी तस्वीर ने वर्कशॉप के अभियंताओं और संबंधित डिवीजन के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या वर्कशॉप और फील्ड के अधिकारी कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरणों के यमराज के मुंह में धकेल रहे हैं?

3 चिताओं की राख भी ठंडी नहीं हुई, फिर वही लापरवाही

गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले गुलहरिया क्षेत्र में ही दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन सगे/मौसेरे भाइयों की अकाल मौत हो चुकी है और कई लोग झुलस गए थे।

उस हादसे के बाद जेई को सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई थी। लेकिन इस नए वाकये ने यह साबित कर दिया है कि महकमे ने इतनी बड़ी त्रासदी से भी कोई सबक नहीं लिया है।

बड़े सवाल जिनका जवाब चाहता है पूर्वांचल:

1. अधिकारियों पर कब कसेगा शिकंजा?

वर्कशॉप और गुलहरिया खंड के जिम्मेदार अभियंताओं पर बिना सुरक्षा किट के काम कराने को लेकर कार्रवाई कब होगी?

2. कागजी सुरक्षा नियम:

जब आधिकारिक फोटो में सेफ्टी बेल्ट और अर्थ रोड गायब है, तो धरातल पर सुरक्षा मानकों का क्या हाल होगा?

3. क्या एक और हादसे का इंतजार है?

लगातार हो रही इन गंभीर लापरवाहियों का खामियाजा आखिर कब तक आम कर्मचारियों और जनता को भुगतना पड़ेगा?

हर वक्त सोशल मीडिया सेल को सक्रिय रखने और डिजिटल मॉनिटरिंग का दावा करने वाला निगम प्रबंधन अपनी ही कार्यप्रणाली की इस पोल-खोल पर क्या कदम उठाएगा?

सोशल मीडिया पर खुद विभाग द्वारा ऐसी तस्वीरें साझा करना यह साबित करता है कि महकमे के भीतर सुरक्षा मानकों के प्रति संवेदनशीलता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

अब देखना यह है कि जिम्मेदार उच्च अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर हादसों का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

Prabandh Sampadak chandrashekhar Singh

Prabhand Sampadak Of Upbhokta ki Aawaj.

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