पूर्वांचल

अर्दली बाज़ार में चल रही फर्जी मैट्रिमोनियल कंपनी का भांडाफोड़, संचालिका समेत 10 महिलाएँ गिरफ्तार

शादी का झांसा देकर ‘लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन’ के नाम पर वसूलते थे हज़ारों रुपए; 27 मोबाइल और क्यूआर कोड बरामद

वाराणसी28जुलाई :वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की साइबर सेल और कैंट थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अर्दली बाजार क्षेत्र में फल-फूल रहे एक बड़े फर्जी मैट्रिमोनियल (वैवाहिक) गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से गिरोह की संचालिका समेत 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह समाचार पत्रों में आकर्षक वैवाहिक विज्ञापन देकर शादी के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फँसाता था और ‘लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन’ के नाम पर हज़ारों रुपये की ठगी करता था।

प्रतिबिंब पोर्टल से खुला राज़

मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान और एसीपी कैंट/साइबर अपूर्व पांडेय ने बताया कि ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ और ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) पर दो संदिग्ध मोबाइल नंबरों के खिलाफ लगातार ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर अर्दली बाजार स्थित ठिकाने पर छापेमारी कर इस फर्जीवाड़े को बेनकाब किया।

व्हाट्सएप पर भेजते थे फर्जी प्रोफाइल

पूछताछ के दौरान गिरोह की मुख्य संचालिका रागिनी देवी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे विभिन्न नामी अखबारों में आकर्षक वैवाहिक विज्ञापन प्रकाशित करवाते थे। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों को व्हाट्सएप पर सुंदर युवक-युवतियों की फर्जी प्रोफाइल भेजी जाती थी। इसके बाद पीड़ितों को झांसे में लेकर परिवार से संपर्क कराने के नाम पर ‘लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन फीस’ के रूप में मोटी रकम ऑनलाइन जमा करा ली जाती थी। एक बार पैसा खाते में आने के बाद न तो कोई वास्तविक संपर्क कराया जाता था और न ही रकम लौटाई जाती थी।

बड़े पैमाने पर सामग्री बरामद

पुलिस ने मौके से फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए जा रहे 27 मोबाइल फोन, एक एसर टैबलेट, 3 क्यूआर कोड, एक पेमेंट साउंड बॉक्स, 4 बिल वाउचर, 2 रजिस्टर, 3 चेकबुक, 1 पासबुक, 5 डेबिट कार्ड, किरायानामा, उद्यम पंजीकरण दस्तावेज और भारी मात्रा में मैट्रिमोनियल रजिस्ट्रेशन फॉर्म जब्त किए हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इनसे जुड़े अन्य तार कहाँ-कहाँ फैले हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान मैट्रिमोनियल एजेंसी को ऑनलाइन भुगतान करने से पहले उसकी पूरी सत्यता अवश्य जाँच लें।

Prabandh Sampadak chandrashekhar Singh

Prabhand Sampadak Of Upbhokta ki Aawaj.

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