छोटी दिवाली पर हनुमान पूजा: जानें पौराणिक कथा, महत्व और लाभ

नई दिल्ली 07नवंबर : दीपावली से ठीक एक दिन पहले छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान श्री कृष्ण की पूजा के साथ-साथ भगवान हनुमान की आराधना का भी विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली की रात बजरंगबली की पूजा करने से भक्तों को भय, संकट और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है।
क्यों की जाती है छोटी दिवाली पर हनुमान पूजा?
छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा के पीछे कई पौराणिक प्रसंग और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं:
-
श्रीराम का वरदान: पौराणिक कथाओं के अनुसार, 14 वर्षों के वनवास के बाद जब भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या लौटे, तब हनुमान जी की निस्वार्थ भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर श्रीराम ने उन्हें यह वरदान दिया था कि दीपावली के मुख्य उत्सव से एक दिन पहले उनकी विशेष पूजा की जाएगी।
-
हनुमान जन्मोत्सव की परंपरा: देश के कई हिस्सों में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (छोटी दिवाली) के दिन हनुमान जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है। यही कारण है कि इस दिन बजरंगबली का विशेष श्रृंगार और पूजन किया जाता है।
-
नकारात्मकता से सुरक्षा: नरक चतुर्दशी की रात को तांत्रिक और अध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा करने से परिवार बुरी शक्तियों, डर और संकटों से सुरक्षित रहता है।
पूजा से मिलने वाले प्रमुख लाभ
-
भय और नकारात्मकता से मुक्ति: बजरंगबली की उपासना से मन का डर समाप्त होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
-
संकटों से रक्षा: ‘संकटमोचन’ की आराधना से जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों और बाधाओं से लड़ने का साहस प्राप्त होता है।
-
बल, बुद्धि और विद्या: हनुमान जी की पूजा से शारीरिक शक्ति के साथ-साथ विवेक और बुद्धि में वृद्धि होती है।
-
मानसिक शांति: छोटी दिवाली की रात हनुमान चालीसा का पाठ और मंत्रों का जाप करने से मन शांत एकाग्र होता है।
-
आरोग्य और दीर्घायु: धार्मिक मान्यता है कि इस दिन की गई हनुमान पूजा से स्वास्थ्य लाभ मिलता है और आयु लंबी होती है।






